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Aug 250 min read


नौला : उत्तराखंड की जल-संस्कृति का जीवंत प्रतीक
उत्तराखंड की पर्वतीय धरती पर जल केवल एक प्राकृतिक संसाधन नहीं रहा; वह जीवन का संस्कार है, संस्कृति की धड़कन है और लोक-आस्था का आधार है। इन्हीं जीवंत परंपराओं के केंद्र में हैं—नौला। पत्थरों से निर्मित ये पारंपरिक जलस्रोत केवल प्यास बुझाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और इतिहास के साक्षी रहे हैं। आज जब आधुनिक विकास के शोर में प्रकृति की धीमी सरगम दबती जा रही है, तब नौले हमें अपने अतीत की ओर लौटकर भविष्य को सँवारने का संदेश देते हैं। जल से जुड़ी आस्था और परंपरा उत्तराखं
Aug 255 min read


क्या बोलते हैं पहाड़?
उस दिन कुछ अजीब हुआ। क्लास चल रही थी, पंखा घूम रहा था, कई बच्चे थके-थके से लग रहे थे, और सर कुछ समझा रहे थे शायद भूगोल था, शायद इतिहास… याद नहीं। लेकिन मेरे दिमाग में एक अजीब-सा सवाल घूम रहा था। “अगर पहाड़ ज़िंदा होते… तो सबसे पहला शब्द उनके मुँह से क्या निकलता?” photo credits: jiya kathayat ये सवाल मैंने हवा में नहीं, सर से सीधा पूछ डाला। पूरी क्लास मेरी तरफ देखने लगी। कुछ को लगा मैं मज़ाक कर रही हूँ, कुछ को लगा मैं पागल हूँ। लेकिन सर मुस्कुरा दिए। उन्होंने जवाब नहीं दिया।
Aug 213 min read
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